Alwar-Kishangarh tehsil (Rajasthan)

#किशनगढ़बासविधानसभा60
(जिला अलवर)

ये सीट 2008 में परिसीमन से बनी थी।
इससे पहले खैरथल सीट थी।इस सीट का कुछ हिस्सा मुंडावर में आता था कुछ खैरथल में आता था।
ये सीट मुख्यतया अहीर ओर जाट ,मेव बाहुल्य बताई जाती है।

राजपूतो के यहां मात्र 4000 हज़ार वोट बताए जाते रहे है। जबकि असल मे यहाँ राजपूत वोट उससे तीन गुना है।
हमारी टीम ने काफी मेहनत करके ग्राम,शहर भृमण करके ये आंकड़े जुटाए है।
1.बूढ़ी बावल
इस गांव में चौहान गोत्र के राजपूत है।
गांव काफी समृद्ध है। औद्योगिक क्षेत्र है।
जमीनें काफी महंगी है।
गांव में करीब 3500 टोटल वोट है,
जिसमे राजपूत वोट 700+ है।

2.ठाठका (बूथ खेराल में है)
इस गांव में शेखावत गोत्र के राजपूत है।
यहां राजपूत वोट 340 है।

3.तिगांव
यहां चौहान गोत्र के राजपूत है।
यह गांव तीन गांवों से मिलकर बना हुआ है। जिसमे 1.जोनाल 2.धिरधोका,3कानि
यहां कुल वोट 2600 के करीब है जिसमे
राजपूत वोट 1200 है।

4.ठेठर बासना
ये तँवर राजपूतो का गांव है ।
ये गांव महेंद्रगढ़ जिले से आये तंवरों का है।
यहां कुल वोट 400 है जिसमे 300 वोट राजपूतो के है।

5.खोहरा ठाकरान
ये शेखावत राजपूतो का गांव है।
ये गांव मेढ़ बैराठ से आये हुए ठाकुर छबील सिंह द्वारा बसाया हुआ है।
कुल वोट 550
राजपूत वोट 400

6.माजरा
यहां शेखावत गोत्र के राजपूत है।
यहां राजपूतो के 250 के करीब वोट है।

(नोट: ठेठरबासना,खोहरा ठाकरान ओर माजरा तिगांव पंचायत में पड़ते है।)

7.नांगल सलियां( चौहान राजपूत)
ये किशनगढ़बास विधानसभा का राजपूतो का सबसे मजबूत गांव है। गाँव मे सभी बिरादरियों में अच्छा सामंजस्य आज तक बरकरार है। आज भी पंचायत के फैसले सभी को मान्य होते है।सामान्य सीट पे राजपूत ही
सरपंच बनते रहे है।
वर्तमान में सरपंच पिंकी देवीw/o सुंदर सिंह चौहान है।
गांव में ठाकुर जी का प्राचीन मंदिर जिसके बगल में राजपूत धर्मशाला है।
गांव में कुल वोट 2000 के करीब है।
जिसमे से राजपूत 1400 है।

8.लाहड़ौद
ये चौहान राजपूतो का गांव है।
कुल वोट 800
राजपूत वोट 500

9.रायपुर
यहां शेखावत गोत्र के राजपूत है।
कुल वोट 1200
राजपूत वोट 500
10.कदैय्या
यहां चौहान और शेखावत गोत्र के राजपूत है।
करीब 150 वोट है।
11.पुर
यहां भी चौहान ,शेखावत गोत्र के राजपूत है। ये गाँव भी राजपूतो का दूसरा बड़ा गांव है।
2009 में पुर की रेखा रानी धर्मपत्नी दान सिंह चौहान सरपंच जो कि भाजपा प्रत्यासी थी प्रधान पद के लिए जिनको ज्यादा भाजपा पंचायत समिति होने के बाद भी जान बूझकर हरा दी गयी कोटकाशिम पंचायत समिति से…
पंचायत समिति में काफी वोट होने के बावजूद भी यहासे …प्रधान पद तो छोड़ो उपप्रधान भी नही बनाते
जिसका मुख्य कारण सही जनसंख्या का नही पता होना है।
कुल वोट 1900
राजपूत 1200

12.माछरौली
ये एकमात्र बड़गुजर वंश के राजपूतो का गांव है ।
यहाँ सरपंच इंद्र सिंह तंवर है।
तंवरो का एकमात्र घर है।
कुल वोट 1600
राजपूत वोट 600

13.लंगडबास
ये राठोड़ो का गांव है।
कुल वोट 2000
राजपूत 500 है।

14.लिसाना
टोटल वोट 450
राजपूत 300

15.हांसपुर
ये नरुकाओ का अंतिम ग्राम है जिले में इस तरफ गांव में नरुका ओर शेखावत राजपूत है।
पूर्व सांसद महिंद्रा कुमारी ने इस गांव को
गोद भी लिया था ।
इस गांव के राजपूत काफी समृद्ध है।
खैरथल में होटल #ठाकुरकीहवेली भी इसी गांव के ठाकुर सुभाष सिंह का है।
जो कि शराब के बड़े व्यवसायी है।
कुल वोट 550
राजपूत वोट 520

16.खैरथल
ये नगर पालिका क्षेत्र है।
काफी समृद्ध शहर है। अनाज मंडी यहाँ की काफी बड़ी है। तेल मील भी काफी है।
यहाँ करीब 30000 वोटर है
जिसमे 1000 वोट आस पास के क्षेत्रों से आकर बसे राजपूत वोटर भी है।

किशनगढ़बास
यहाँ मुख्यतया नरुका है।
ये भी नगर पालिका क्षेत्र है।
यहाँ नगर पालिका में राजपूतो के 2-3 पार्षद भी बनते रहते है।
वाईस चैयरमेन भी राजपूत है।
कुल वोट 15000
राजपूत वोट 1000 के करीब है।

इस तरीके से इस विधानसभा में राजपूतो के 11-12हज़ार के करीब वोट है।
यहां की जमीनें काफी अच्छी और उपजाऊ है ,इसलिए अधिकांश लोग कृषि पे आधारित है।लेकिन अब युवाओं का रुझान फौज पुलिस की तरफ भी बढ़ा है।
काफी युवा फौज पुलिस में जा रहे है।

भाजपा में मोदी के आगमन से पूर्व यहाँ का राजपूत समाज लोकसभा में महिंद्रा कुमारी ओर भँवर जितेंद्र जी को एक तरफा समर्थन देता था। लेकिन भजप्पा में मोदी के आगमन होने के बाद ये तिलिस्म अब टूटा है।इसमे भँवर जितेंद्र सिंह भी बराबर के दोषी है…क्योंकि वो दिल्ली जाकर बैठ जाते है इससे स्थानीय राजपूतो को छोटे मोटे कामो के लिए भी चक्कर लगाने पड़ते है। इस वजय से लोकसभा में वोटिंग अब कांग्रेस के पक्ष में एक तरफा पहले की भांति नही होती है। लेकिन विधानसभा में यहां वोटिंग समय और परिस्थितियों को देखकर की जाती है…गत बार एकमात्र राजपूत सरपंच को स्थानीय विद्यायक ने अपने जाति के लोगो के दबाब में आकर फेक डॉक्यूमेंट केस में अरेस्ट करवा दिया तो इस बार माहौल देखकर बसपा के प्रत्याशी दीप चंद को मत ओर समर्थन देकर ओर जिता कर… राजपूतो ने उस mla की सारी हकेडी निकाल दी…थी।
भविष्य में भी सबक है उन लोगो के लिए जो राजपूतो का दमन करने का पूर्वाग्रह रखते है।
इस तरीके से राजपूत इस विधानसभा क्षेत्र में अच्छा दम खम रखते है।

(नोट:- नीचे लिंक में google maps पे उपरोक्त समस्त ग्राम देखे।)

#किशनगढ़बासविधानसभा60
(जिला अलवर)
ये सीट 2008 में परिसीमन से बनी थी।
इससे पहले खैरथल सीट थी।इस सीट का कुछ हिस्सा मुंडावर में आता था कुछ खैरथल में आता था।
ये सीट मुख्यतया अहीर ओर जाट ,मेव बाहुल्य बताई जाती है।

राजपूतो के यहां मात्र 4000 हज़ार वोट बताए जाते रहे है। जबकि असल मे यहाँ राजपूत वोट उससे तीन गुना है।
हमारी टीम ने काफी मेहनत करके ग्राम,शहर भृमण करके ये आंकड़े जुटाए है।
1.बूढ़ी बावल
इस गांव में चौहान गोत्र के राजपूत है।
गांव काफी समृद्ध है। औद्योगिक क्षेत्र है।
जमीनें काफी महंगी है।
गांव में करीब 3500 टोटल वोट है,
जिसमे राजपूत वोट 700+ है।

2.ठाठका (बूथ खेराल में है)
इस गांव में शेखावत गोत्र के राजपूत है।
यहां राजपूत वोट 340 है।

3.तिगांव
यहां चौहान गोत्र के राजपूत है।
यह गांव तीन गांवों से मिलकर बना हुआ है। जिसमे 1.जोनाल 2.धिरधोका,3कानि
यहां कुल वोट 2600 के करीब है जिसमे
राजपूत वोट 1200 है।

4.ठेठर बासना
ये तँवर राजपूतो का गांव है ।
ये गांव महेंद्रगढ़ जिले से आये तंवरों का है।
यहां कुल वोट 400 है जिसमे 300 वोट राजपूतो के है।

5.खोहरा ठाकरान
ये शेखावत राजपूतो का गांव है।
ये गांव मेढ़ बैराठ से आये हुए ठाकुर छबील सिंह द्वारा बसाया हुआ है।
कुल वोट 550
राजपूत वोट 400

6.माजरा
यहां शेखावत गोत्र के राजपूत है।
यहां राजपूतो के 250 के करीब वोट है।

(नोट: ठेठरबासना,खोहरा ठाकरान ओर माजरा तिगांव पंचायत में पड़ते है।)

7.नांगल सलियां( चौहान राजपूत)
ये किशनगढ़बास विधानसभा का राजपूतो का सबसे मजबूत गांव है। गाँव मे सभी बिरादरियों में अच्छा सामंजस्य आज तक बरकरार है। आज भी पंचायत के फैसले सभी को मान्य होते है।सामान्य सीट पे राजपूत ही
सरपंच बनते रहे है।
वर्तमान में सरपंच पिंकी देवीw/o सुंदर सिंह चौहान है।
गांव में ठाकुर जी का प्राचीन मंदिर जिसके बगल में राजपूत धर्मशाला है।
गांव में कुल वोट 2000 के करीब है।
जिसमे से राजपूत 1400 है।

8.लाहड़ौद
ये चौहान राजपूतो का गांव है।
कुल वोट 800
राजपूत वोट 500

9.रायपुर
यहां शेखावत गोत्र के राजपूत है।
कुल वोट 1200
राजपूत वोट 500
10.कदैय्या
यहां चौहान और शेखावत गोत्र के राजपूत है।
करीब 150 वोट है।
11.पुर
यहां भी चौहान ,शेखावत गोत्र के राजपूत है। ये गाँव भी राजपूतो का दूसरा बड़ा गांव है।
2009 में पुर की रेखा रानी धर्मपत्नी दान सिंह चौहान सरपंच जो कि भाजपा प्रत्यासी थी प्रधान पद के लिए जिनको ज्यादा भाजपा पंचायत समिति होने के बाद भी जान बूझकर हरा दी गयी कोटकाशिम पंचायत समिति से…
पंचायत समिति में काफी वोट होने के बावजूद भी यहासे …प्रधान पद तो छोड़ो उपप्रधान भी नही बनाते
जिसका मुख्य कारण सही जनसंख्या का नही पता होना है।
कुल वोट 1900
राजपूत 1200

12.माछरौली
ये एकमात्र बड़गुजर वंश के राजपूतो का गांव है ।
यहाँ सरपंच इंद्र सिंह तंवर है।
तंवरो का एकमात्र घर है।
कुल वोट 1600
राजपूत वोट 600

13.लंगडबास
ये राठोड़ो का गांव है।
कुल वोट 2000
राजपूत 500 है।

14.लिसाना
टोटल वोट 450
राजपूत 300

15.हांसपुर
ये नरुकाओ का अंतिम ग्राम है जिले में इस तरफ गांव में नरुका ओर शेखावत राजपूत है।
पूर्व सांसद महिंद्रा कुमारी ने इस गांव को
गोद भी लिया था ।
इस गांव के राजपूत काफी समृद्ध है।
खैरथल में होटल #ठाकुरकीहवेली भी इसी गांव के ठाकुर सुभाष सिंह का है।
जो कि शराब के बड़े व्यवसायी है।
कुल वोट 550
राजपूत वोट 520

16.खैरथल
ये नगर पालिका क्षेत्र है।
काफी समृद्ध शहर है। अनाज मंडी यहाँ की काफी बड़ी है। तेल मील भी काफी है।
यहाँ करीब 30000 वोटर है
जिसमे 1000 वोट आस पास के क्षेत्रों से आकर बसे राजपूत वोटर भी है।

किशनगढ़बास
यहाँ मुख्यतया नरुका है।
ये भी नगर पालिका क्षेत्र है।
यहाँ नगर पालिका में राजपूतो के 2-3 पार्षद भी बनते रहते है।
वाईस चैयरमेन भी राजपूत है।
कुल वोट 15000
राजपूत वोट 1000 के करीब है।

इस तरीके से इस विधानसभा में राजपूतो के 11-12हज़ार के करीब वोट है।
यहां की जमीनें काफी अच्छी और उपजाऊ है ,इसलिए अधिकांश लोग कृषि पे आधारित है।लेकिन अब युवाओं का रुझान फौज पुलिस की तरफ भी बढ़ा है।
काफी युवा फौज पुलिस में जा रहे है।

भाजपा में मोदी के आगमन से पूर्व यहाँ का राजपूत समाज लोकसभा में महिंद्रा कुमारी ओर भँवर जितेंद्र जी को एक तरफा समर्थन देता था। लेकिन भजप्पा में मोदी के आगमन होने के बाद ये तिलिस्म अब टूटा है।इसमे भँवर जितेंद्र सिंह भी बराबर के दोषी है…क्योंकि वो दिल्ली जाकर बैठ जाते है इससे स्थानीय राजपूतो को छोटे मोटे कामो के लिए भी चक्कर लगाने पड़ते है। इस वजय से लोकसभा में वोटिंग अब कांग्रेस के पक्ष में एक तरफा पहले की भांति नही होती है। लेकिन विधानसभा में यहां वोटिंग समय और परिस्थितियों को देखकर की जाती है…गत बार एकमात्र राजपूत सरपंच को स्थानीय विद्यायक ने अपने जाति के लोगो के दबाब में आकर फेक डॉक्यूमेंट केस में अरेस्ट करवा दिया तो इस बार माहौल देखकर बसपा के प्रत्याशी दीप चंद को मत ओर समर्थन देकर ओर जिता कर… राजपूतो ने उस mla की सारी हकेडी निकाल दी…थी।
भविष्य में भी सबक है उन लोगो के लिए जो राजपूतो का दमन करने का पूर्वाग्रह रखते है।
इस तरीके से राजपूत इस विधानसभा क्षेत्र में अच्छा दम खम रखते है।

(नोट:- नीचे लिंक में google maps पे उपरोक्त समस्त ग्राम देखे।)

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